Sunday, September 18, 2016

'हिटबैक' कब?

जन्नत में रविवार की सुबह आजान और मंदिरों की घंटियों की आवाज़ से नहीं बल्कि गोलियों की गूंज से हुई...सीमापार से आए नापाक दशहतगर्दों ने  उत्तरी कश्मीर के उरी में सेना के बटालियन मुख्यालय पर हमला कर दिया...हमले के वक्त डोगरा रेजीमेंट के जवान एक तंबू में सोए हुए थे... जिसमें विस्फोट और फायरिंग के चलते आग लग गई....और सेना के कई जवान उसकी चपेट में आ गये...आतंकियों की नापाक साजिश को नाकाम करने में 17 जवान शहीद हो गये...भारतीय जवानों ने सीमापार से आए आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया...और चारों दहशतगर्दों को मौत की आगोश में भेज दिया...हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हाथ  होने के संकेत मिले...ऑपरेशन खत्म होने के बाद मौका-ए-वारदात से कुछ ऐसी चीजें बरामद हुई हैं...जो इस हमले में पाकिस्तान के हाथ होने की तस्दीक करता है...पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकियों का 15 सालों बाद सबसे बड़ा हमला है...इसके पहले अक्टूबर 2001 में जैश-ए-मोहम्मद ने श्रीनगर में जम्मू कश्मीर विधानसभा कॉम्प्लेक्स पर फिदायीन हमला किया था...जिसमें 38 की मौत हो गई थी... सेना की बात करें तो कश्मीर में 26 साल में पहली बार किसी आर्मी बेस पर इतना बड़ा हमला हुआ है...आतंकी हमले के बाद दिल्ली में राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक हाई लेवल मीटिंग हुई...रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे...हमले के बाद मिले सबूतों पर भारत की ओर से पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी  गई है...उरी हमले से पूरा देश स्तब्ध है...जम्मू-कश्मीर में पाक की नापाक हरकत के खिलाफ़ लोगों ने आवाज़ बुलंद की...तो उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुस्लिम समाज के लोगों ने शहीदों के लिये विशेष नवाज़ का आयोजन किया...यूपी के झांसी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रोड शो के दौरान मौन रखकर शहीद हुए वीर सपूतों को नमन किया....देश में विभिन्न मुद्दों पर अलग राय रखने वाले भी पड़ोसी मुल्क की करतूत पर एक सुर में नज़र आए..सिर्फ सियासी गलियारों से ही नहीं बल्कि समाज के हर तबके से हिटबैक की नीति अपनाने की आवाज आ रही है...सवाल है कि, आखिर कब तक हम अपने वीर सपूतों को खोते रहेंगे...कब तक नापाक मंसूबे वालों के जख्म से लहूलुहान होते रहेंगे...

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