Thursday, July 14, 2011

अशुभ है 13 तारीख



मुंबई के बारे में कहा जाता है कि,ये शहर कभी सोता नहीं है। जिंदगी यहां चौबीसों घंटे दौड़ती रहती है। शायद इसीलिए आतंकियों की गंदी निगाह इस शहर के अमन चैन को तबाह करने पर लगी रहती है।
आतंकियों ने कई बार इस शहर को निशाना बनाया है। खासकर 13 तारीख, इस शहर के लिए सबसे मनहूस तारीख साबित हुई है।आतंक के आकाओं ने 13 मार्च 2003 को ट्रेन में बम ब्लास्ट किया। जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इस तारीख को आज भी मुंबई वाले याद कर सहम जाते हैं। इसके बाद 13 मई 2008 को मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुआ। जिसमें कई बेगुनाहों की मौत हो गई। इसके अलावा अगर देश के बाकी हिस्सों में भी धमाकों की तारीख को याद करें तो,13 को और भी कई वारदातें हुईं हैं। दिल्ली में 13 सितंबर 2008 को सिलसिलेवार धमाके हुए। जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई और और सौ से ज्यादा लोग जख्मी हुए। महाराष्ट्र के पुणे में 13 मई 2010 को जर्मन बेकरी में हुए जोरदार ब्लास्ट में कई लोगों की सांसे रुक गई। देश के लोग जहां 13 तारीख को अपनी डायरी में काली स्याही से लिखने को मजबूर हैं। वहीं आतंकियों ने इस तारीख को लाल स्याही से दर्ज करने की कसम खा ली है।

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